Posts

Showing posts from December, 2020

ज्वाला देवी मंदिर कांगड़ा की विशेषता , इतिहास और रहस्य

Image
  ज्वाला देवी मंदिर कांगड़ा – Jwala Devi Mandir Ki Yatra Ki Jankari In Hindi Rate this post Jwala Devi Mandir Kangra In Hindi : ज्वालाजी मंदिर को ज्वालामुखी या ज्वाला देवी के नाम से भी जाना जाता है। ज्वालाजी मंदिर हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी के दक्षिण में 30 किमी और धर्मशाला से 56 किमी की दूरी पर स्थित है। ज्वालाजी मंदिर हिंदू देवी “ज्वालामुखी” को समर्पित है। कांगड़ा की घाटियों में, ज्वाला देवी मंदिर की नौ अनन्त ज्वालाएं जलती हैं, जो पूरे भारत के हिंदू तीर्थयात्रियों को आकर्षित करती हैं। मंदिर की नौ अनन्त ज्वालाओं में उनके निवास के कारण, उन्हें ज्वलंत देवी के रूप में भी जाना जाता है। यह एक ऐसा अद्भुत मंदिर है जिसमें भगवान की कोई मूर्ति नहीं है। ऐसा माना जाता है कि देवी मंदिर की पवित्र लपटों में रहती हैं, जो बाहर से बिना ईंधन के दिन-रात चमत्कारिक रूप से जलती हैं। विज्ञान का मानना है कि चट्टानों के फफूंद से दहनशील गैस के कुछ प्राकृतिक जेट के कारण आग जलती है। हालांकि, भक्तों की इन ज्वालाओं में निवास करने वाली देवी के प्रति, अभी भी बहुत आस्था है। इस मंदिर में की ग...

कांगड़ा किले का इतिहास और रहस्य

Image
  कांगड़ा किले का इतिहास और घूमने की जानकारी – Kangra Fort History In Hindi 5 / 5 ( 3 votes ) Kangra Fort In Hindi, कांगड़ा किला, भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के कांगड़ा शहर के बाहरी इलाके में धर्मशाला शहर से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह किला अपनी हजारों साल की भव्यता, आक्रमण, युद्ध, धन और विकास का बड़ा गवाह है। यह शक्तिशाली किला त्रिगर्त साम्राज्य की उत्पत्ति को बताता है जिसका उल्लेख महाभारत महाकाव्य में मिलता है। बता दें कि यह किला हिमालय का सबसे बड़ा और शायद भारत का सबसे पुराना किला है, जो ब्यास और उसकी सहायक नदियों की निचली घाटी पर स्थित है। इस किले के बारे में कहा जाता है कि एक समय ऐसा भी था कि जब इस किले में अकल्पनीय धन रखा गया था जो इस किले के अंदर स्थित बृजेश्वरी मंदिर में बड़ी मूर्ति को चढ़ाया जाता था। इसी खजाने की वजह से इस किले पर कई बार हमला हुआ था और लगभग हर शासक चाहे वो आक्रमणकारी हो या देशी शासक सभी ने कांगड़ा किले पर अपना कब्ज़ा करने की कोशिश की थी। यहाँ आने वाले पर्यटक कांगड़ा किले के इतिहास के बारे में जानने के लिए बेहद उत्सुक रहते हैं और य...

शांता कुमार जी की तबीयत बिगड़ी, उपचार के लिए चंडीगढ़ किया शिफ्ट

Image
शांता कुमार जी की तबीयत बिगड़ी, उपचार के लिए चंडीगढ़ किया शिफ्ट  हिमाचल के पूर्व सीएम शांता कुमार की पत्नी के निधन के बाद अब शांता कुमार की तबियत बिगड़ गई है। उन्हें औऱ उनके बेटे को अब बुखार जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग अब उन्हें चंडीगढ़ मोहाली फोर्टिस अस्पताल में शिफ्ट करने का काम कर रहे हैं। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शांता कुमार ने खुद फोर्टिस अस्पताल में इलाज करवाने की इच्छा जाहिर की है। अभी एम्बुलेंस या एयर एंबुलेंस का इंतजाम किया जा रहा है ताकि उन्हें चंडीगढ़ ले जाया जा सके। सीएमओ कांगड़ा गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि शांता कुमार ने इच्छा जाहिर की है कि उन्हें अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। साथ ही उनके बेटे को भी बुखार है उन्हें भी साथ भेजने का प्रोसेस चल रहा है

IAS Interview Questions : रामु काका को हवाई जहाज से बिना पैराशुट बाहर धकेल दिया गया, वह बच गए कैसे?

Image
IAS Interview Questions : रामु काका को हवाई जहाज से बिना पैराशुट बाहर धकेल दिया गया, वह बच गए कैसे? दोस्तों, आईएएस इंटरव्यू के सवाल काफी जादा चर्चा में रहता हैं। कहा जाता है कि यहां कैंडिडेट्स से कुछ भी पूछा जा सकता है ये परीक्षा पास करने में अच्छे -अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। पर डर किस बात की अगर तैयारी अच्छे से हो जाए तो   Share IAS Interview Questions :  दोस्तों, आईएएस इंटरव्यू के सवाल काफी जादा चर्चा में रहता हैं। कहा जाता है कि यहां कैंडिडेट्स से कुछ भी पूछा जा सकता है ये परीक्षा पास करने में अच्छे -अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। पर डर किस बात की अगर तैयारी अच्छे से हो जाए तो। यूपीएससी इंटरव्यू की तैयारी भी काफी अच्छे तरीके से करनी चाहिए। इसलिए हम आज कुछ ट्रिकी सवाल और उनके जवाब बता रहे हैं। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सर्विसेज 2020 की शुरूआती परीक्षा के बाद कैंडिडेट्स मेन्स की तैयारी में लगगे हैं। इसमें सफलता मिलने के बाद इंटरव्यू शुरू हो जाएंगे। सिविल सर्विस एग्जाम 2019 (Civil Services Exam 2020) पर्सनैलिटी टेस्ट (Personality Test) यानी इंटरव्यू (IAS Interview) काफी...

मसरूर - रॉक कट टेंपल : रहस्यों से भरा उत्तर भारत ( हिमाचल प्रदेश ) का एकलौता मंदिर, जो बना है एक चट्टान को काटकर

Image
    मसरूर - रॉक कट टेंपल : रहस्यों से भरा उत्तर भारत ( हिमाचल प्रदेश ) का एकलौता मंदिर, जो बना है एक चट्टान को काटकर आज हम आपको एक ऐसे ऐतिहासिक मंदिर के बारे में बताएंगे जिसके इतिहास का अंदाजा तक कोई नहीं लगा पाया। कुछ कहानिया हैं, दन्त कथाएं और मंदिर के गर्भ गृह में अभी भी श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ विराजमान हैं। जानिए इसका रहस्य...   आज हम आपको एक ऐसे ऐतिहासिक मंदिर के बारे में बताएंगे जिसके इतिहास का अंदाजा तक कोई नहीं लगा पाया। कुछ कहानिया हैं, दन्त कथाएं और मंदिर के गर्भ गृह में अभी भी श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ विराजमान हैं। ये मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के मसरूर गांव में स्थित हैं।  कुल 15 बड़ी चट्टानों पर ये मंदिर बना हैं जिसे हम रॉक कट टेंपल के नाम से जानते हैं। हिमालयन पिरामिड के नाम से विख्यात बेजोड़ कला के नमूने रॉक कट टेंपल मसरूर एक अनोखा और रहस्यमयी इतिहास समेटे हुए हैं। पुरातत्व विभाग के अनुसार शायद 8वीं सदी में बना यह मंदिर उत्तर भारत का इकलौता ऐसा मंदिर...

भूत-प्रेत को नहीं मानते हो, तो एक बार हिमाचल प्रदेश की इन 10 जगहों पर घूम आओ, राय बदल जाएगी

Image
भूत-प्रेत को नहीं मानते हो, तो एक बार हिमाचल प्रदेश की इन 10 जगहों पर घूम आओ, राय बदल जाएगी   पहाड़ों से सजा हिमाचल प्रदेश एक डरावना इतिहास भी रखता है. यहां पर ख़ूबसूरत पहाड़ों और हरी-भरी प्रकृति के अलावा कुछ बहुत डरावनी जगहें भी हैं, जहां शायद आप नहीं गए होंगे. अगर आपको भूत-प्रेत की कहानी में विश्वास है और आपको ऐसी जगहों पर जाना अच्छा लगता है, तो ये जगह आपके लिए हैं. Source: traveltriangle ये रहीं वो जगहें: 1. टनल नंबर 33, कालका-शिमला ट्रेन रूट Source: blogspot कालका-शिमला ट्रेन मार्ग पर टनल नंबर 33, हिमाचल प्रदेश में सबसे डरावनी जगहों में से एक है.  Legend  के अनुसार, कैप्टन बारोग नाम के एक ब्रिटिश इंजीनियर को सुरंग के निर्माण की ज़िम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वो बुरी तरह विफ़ल रहे. इसके चलते उन्हें अंग्रेज़ों द्वारा जुर्माना लगाया गया था और अपमानित किया गया था, इसलिए उन्होंने ख़ुदकुशी कर ली. उन्हीं की आत्मा सुरंग में घूमती है. इसके अलावा कुछ लोगों का दावा है कि, उन्होंने एक महिला को सुरंग से चीखते हुए भागते देखा है.  2. चार्लेविले हवेली, शिमला Source: ...

नया साल मनाने के लिए हिमाचल के 10 खास स्थान

Image
नया साल मनाने के लिए हिमाचल के 10 खास स्थान    हिमाचल प्रदेश हमारे देश का सबसे सुन्दर और आकर्षक पर्यटन स्थल में से एक है यहाँ पर साल भर पर्यटक आते रहते है यहाँ पर घूमने के लिए बहुत सारी जगहे है जो पर्यटकों का दिल जित लेते है यहाँ पर आपको झीलें, ऊंचे पहाड़, प्राचीन मंदिर और भी बहुत कुछ मिल जाता है यहाँ पर गर्मियों और सर्दियों में लोग घूमने आते है तो चलो जो यहाँ के सबसे अच्छे जगह है उनके बारे में बताते है शिमला शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी के साथ बहुत ही खूबसूरत हिल स्टेशन है शिमला घुमने पर्यटक दूर-दूर से आते है क्यूंकि शिमला हिमाचल के खूबसूरत पहाड़ियों और रहस्यमयी जंगलो के बीच बसा हुआ है  यहाँ की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता और वातावरण किसी भी पर्यटक को दोबारा यहां आने के लिए मजबूर करता है। मनाली मनाली हिमाचल प्रदेश के हिल स्टेशन में आता है यहाँ देश और विदेश से पर्यटक आते है मनाली बहुत्र ही ठंडा हिल स्टेशन है। यहाँ पुरे साल ठंडा ही रहता है वैसे तो यहाँ पर ज्यादातर लोग गर्मियों में आते है न्यू शादीसुदा जोड़े भी यहाँ अपना हनीमून मनाने आते है यहा...

अड़यो ख्याल रखनयो साड़ा" : इन्हीं शब्दों पर चलता है साक्षर हिमाचल का पंचायत चुनाव

Image
"अड़यो ख्याल रखनयो साड़ा" : इन्हीं  शब्दों पर चलता है साक्षर हिमाचल का पंचायत चुनाव सुबह फोन की घण्टी बजी एक  मित्र की आवाज आई गर्मजोशी से बोला “भाई घर आओ मैं जिला परिषद के लिए चुनाव लड़ रहा हूँ” ।  मैंने पुछा वो तो  ठीक है पर जिला पार्षद बी डी सी मेंबर इनके कार्य क्या हैं।  क्यों चुने जाते हैं ये लोग क्या अधिकार हैं इनके पास तुम्हे पता है ?  मुझे जबाब मिला भाई जीतने के बाद समझ लेंगे सब अभी आप बस हमारा ख्याल रखो और घर पहुंचों।  इसी के साथ वो अपने चुनाव प्रचार के लिए निकलने का बोलकर बाय कह गया और मैं  लोकतंत्र की एक एक  अजीब कश्मकश में पड़ गया।  जिसे मैंने कागज़ पर उतारना ही उचित समझा क्योंकि विचार अगर कागज़ पर उत्तर जाए तो मन को शांति मिल जाती है ऐसा मेरा मानना है। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का शबाब जोरों पर है , एक  एक सीट के लिए भीषण संगर्ष जारी है। बीते दशक में पंचायत चुनाव की तरफ लोगों का अलग नजरिया डेवेलोप हुआ है।  लाखों का बजट पंचायतों को आने लगा है इसलिए हर कोई इस चुनाव में अपना भाग्य आजमाना...

गद्दी समुदाय : भाईचारे व पारम्परिक वेशभूषा का समुदाय , आईए जानते हैं शिव भक्तों के समुदाय के बारे में

Image
गद्दी समुदाय : भाईचारे  व  पारम्परिक वेशभूषा का समुदाय  गद्दी जनजातियों की अधिकता मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश राज्य के धौलाधार श्रेणी के दोनों किनारों पर पाई जाती है। काफी संख्या में गद्दी जनजातियाँ मुख्य रूप से चंबा जिले के ब्रह्मौर क्षेत्र में, रावी नदी के ऊँचे क्षेत्रों में और बुधिल नदी की घाटियों में भी बसती हैं। अन्य क्षेत्रों में कांगड़ा जिला शामिल है, जो मुख्य रूप से तोता रानी, ​​खनियारा, धर्मशाला के करीब के गाँवों में है। मानवविज्ञानी के रिकॉर्ड के अनुसार, इन गद्दी जनजातियों के मूल में इस आदिवासी समुदाय के विकास के पीछे एक समृद्ध इतिहास है। वास्तव में उनकी उत्पत्ति के बारे में, लोकप्रिय मिथक पूरे हिमाचल प्रदेश राज्य में काफी लोकप्रिय हैं। यह माना गया है कि गद्दी जनजातियाँ उन प्रवासियों से नीचे आईं जिन्होंने भारतीय क्षेत्र की समतल भूमि में शरण ली थी गद्दी समुदाय के बारे में एक और किंवदंती आम है। इस किंवदंती के अनुसार, यह माना जाता है कि गद्दी आदिवासी समुदाय की विभिन्न जातियों को अलग-अलग समय में स्थानांतरित कर दिया गया है। 850-70CE के आसपास, ब...

20 दिनों में 150 रुपये बड़े गैस सिलिंडर के दाम, सरकार की चालाकी पर मीडिया और विपक्ष दोनों चुप

Image
20 दिनों में 150 रुपये बड़े गैस सिलिंडर के दाम, सरकार की चालाकी पर मीडिया और विपक्ष दोनों चुप महँगाई एक ऐसा विषय जिसके बारे में क्या आम आदमी , क्या मीडिया और क्या सरकार और क्या विपक्ष, सभी इसकी चिंता भूल गए हैं।  सिर्फ दिसंबर की बात करें तो गैस के दाम   सरकार ने बड़ी चालाकी से हर हफ्ते धीरे धीरे कर 150 रुपये तक बड़ा दिए गए । गैस के दाम In November :   620 rs 12 Dec:    670 rs 20 Dec :   720 rs 26 Dec :    770 rs तो देखिए किस प्रकार हर सप्ताह ये दाम बढ़ाए गए पर किसी भी मीडिया द्वाद ये जिक्र नई किया गया। पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे। बिजली के सामान में भी काफी बढ़ोतरी है , सीमेंट , रेत सबके दाम बड़ा दिए। गलती किसी पार्टी विशेष की नहीं बल्कि कहीं ज्यादा आम जनता की है। गलत के खिलाफ आवाज उठाना सीखो। इस खबर को शेयर कर एक आवाज बुलंद करो।

केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लिए जमीन नहीं और भाजपा सदस्य साइना नेहवाल को हिमाचल सरकार धर्मशाला में दी 52 कनाल जमीन

Image
केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लिए जमीन नहीं और भाजपा सदस्य साइना नेहवाल को हिमाचल सरकार धर्मशाला में दी 52 कनाल जमीन केंद्रीय विश्वविद्यालय 11 साल से जमीन की वजह से लटकाया है और  इसी साल भाजपा में शामिल होने वालीं बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को हिमाचल सरकार ने धर्मशाला में 52 कनाल जमीन दी है।  शिक्षा के ये भवन और बच्चे मुश्किल में व्व सरकार को नहीं दिख 11 साल से।  यह जमीन अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन अकादमी खोलने के लिए दी गई है। हालाँकि, इस पूरे मामले में बरती गई तेजी पर सवाल उठने लगे हैं। राज्य सरकार का कहना रहा है कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के कदम जरूरी हैं। मगर आरोप लग रहा है कि हैदराबाद में रहने वालीं साइना को एक महीने से भी कम समय में जमीन आवंटित करना राजनीति से प्रेरित है वरना इस तरह के कई खिलाड़ियों के आवेदन हिमाचल सरकार के पास लम्बित हैं। साइना ने 29 जनवरी को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली थी। उस समय बैडमिंटन खिलाड़ी ने कहा था कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में खेलों को बढ़ावा दिया, मैं उनसे प्रेरित हूं।’ साइना के साथ उनकी...

काजा के नाम दर्ज होने वाला है इतिहास, पहली बार काजा में नेशनल अंडर 20 टूर्नामेंट 27 जनवरी से होगा शुरू

Image
एक और इतिहास काजा के नाम दर्ज होने वाला है  पहली बार काजा में नेशनल अंडर 20 टूर्नामेंट 27 जनवरी से होगा शुरू  - 3720 मीटर की उंचाई पर आईस हाॅकी कोचिंग कैंप वीरवार से शुरू - हिमाचल के सबसे उंचे आइस हाॅकी रिंक काजा में - 31 × 61 मीटर का बनाया गया है रिंक हिमाचल प्रदेश के सबसे उंचे 3720मीटर पर बने आईस हाॅकी रिंक में दूसरी बार प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया है। लाहौल स्पीति के काजा उपमंडल में वीरवार को आईस हाॅकी कोचिंग कैंप एंव टूनामेंट का शुभारंभ किया गया। इस शिविर में बतौर मुख्यातिथि  भारतीय आईस हाॅकी संघ के महासचिव हरजिन्द्र सिंह जींदी ने शिरकत की। आईस स्केटिंग हाॅकी कोचिंग कैंप भारतीय आइस हाॅकी संघ के साथ आयोजित किया जा रहा है। इस कैंप में 165 छात्र छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर के कोच अमित बेरबाल द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। मुख्यातिथि  भारतीय आईस हाॅकी संघ के महासचिव हरजिन्द्र सिंह जींदी ने कहा कि  लाहुल स्पीति में विंटर स्पोर्टस की अपार संभावनाएं है। हम यहां पर आने वाले समय में आइस हाॅकी, स्कींग आदि विंटर स्पोर्टस को नई राह मिलेगीं।  ऐसी गतिवि...

मणिमहेश कैलाश एक ऐसा रहस्यमयी पर्वत जिस पर चढ़ने की बात से भी कांपते हैं लोग शिखर पर सूर्य के प्रकाश से बनती है मणि

Image
मणिमहेश कैलाश एक ऐसा रहस्यमयी पर्वत जिस पर चढ़ने की बात से भी कांपते हैं लोग शिखर पर सूर्य के प्रकाश से बनती है मणि भगवान शिव से जुड़े देश भर में ऐसे कई स्‍थान हैं जो भोलेनाथ के चमत्कारों के गवाह रहे हैं। यूं तो देश की ज्यादातर पहाडि़यों में कहीं न कहीं शिव का कोई स्थान मिल जाएगा, लेकिन शिव के निवास के रूप में सर्वमान्य कैलाश पर्वत के भी एक से ज्यादा प्रतिरूप पौराणिक काल से धार्मिक मान्यताओं में स्थान बनाए हुए हैं। तिब्बत में मौजूद कैलाश-मानसरोवर को सृष्टि का केंद्र कहा जाता है। वहां की यात्रा आर्थिक, शारीरिक व प्राकृतिक, हर लिहाज से दुर्गम है। उससे थोड़ा ही पहले भारतीय सीमा में पिथौरागढ़ जिले में आदि-कैलाश या छोटा कैलाश है। इसी तरह एक और कैलाश हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में है। ये दोनों कैलाश भी बड़े कैलाश की ही तरह शिव के निवास माने जाते हैं और इनका पौराणिक महात्म्य भी उतना ही बताया जाता है। ऐसी ही एक जगह है मणिमहेश। कहते हैं भगवान शिव ने यहीं पर सदियों तक तपस्या की थी। इसके बाद से ये पहाड़ रहस्यमयी बन गया। हिमाचल प्रदेश के चंबा नगर से से मात्र 85 किलो मीटर की दूरी पर बस...

आने वाले हैं Covid-19 से भी घातक वायरस, Ebola खोजने वाले वैज्ञानिक की चेतावनी

Image
Ebola खोजने वाले वैज्ञानिक की चेतावनी,  आने वाले है कोरोना से भी खतरनाक वायरस दुनिया भर के करोड़ों लोग पहले ही कोरोना वायरस (Coronavirus) की मार झेल रहे हैं और वहीं लंदन में नए तरह का वायरस तेजी से अपने पैर पसार रहा है. नए स्ट्रेन ने लोगों में तनाव और डर पैदा कर दिया है. लिहाजा नए वायरस की रोकथाम के लिए दुनिया के तमाम देशों की यात्रा पर अंकुश लगा दिया गया है. इसी बीच एक वैज्ञानिक ने निकट भविष्य में कई और तरह के वायरस के उभरने की चेतावनी दी है. अफ्रीका में फैल रहा नया वायरस इबोला (Ebola) बीमारी की खोज करने वाले वैज्ञानिक ने बताया कि आने वाले दिनों ऐसे वायरस आने वाले हैं जो कोविड-19 से भी अधिक घातक हो सकते हैं. प्रोफेसर. डॉ जीन-जैक्स मुएम्बे ताम्फुम, जिन्होंने साल 1976 में इबोला की खोज में मदद की थी. उनका दावा है कि भविष्य में अज्ञात संख्या में वायरस आने वाले हैं जिनमें से कुछ तो मौजूदा COVID-19 से भी अधिक खतरनाक हो सकते हैं. इन वायरस की शुरुआत अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय वर्षावनों (tropical rainforests) से शुरू हो चुकी है. CNN से बातचीत में ताम्फुम ने चेतावनी दी कि हम एक ऐसी...

बिजली विभाग का जेई 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

Image
बिजली विभाग का जेई 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार गंगथ (ब्यूरो): विजीलैंस विभाग ने बुधवार को बिजली विभाग के एक कनिष्ठ अभियंता (जेई) को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। जानकारी के अनुसार उक्त जेई ने एक फूड प्रोडक्ट यूनिट में मीटर कनैक्शन लगाने की एवज में रिश्वत की मांग की थी। इसकी शिकायत मिलने पर विजीलैंस विभाग ने कार्रवाई करते हुए उक्त जेई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। बताया जा रहा है कि डागला गांव के अजय कुमार फूड प्रोडक्ट का एक छोटा सा यूनिट लगा रहे थे, जिसके लिए बिजली के मीटर के कनैक्शन की जरूरत थी। मीटर कनैक्शन के लिए बिजली विभाग के उक्त कनिष्ठ अभियंता ने 10 हजार रुपए की डिमांड रखी। अजय कुमार ने इसकी शिकायत विजीलैंस विभाग के डीएसपी बलबीर सिंह धर्मशाला से की। विजीलैंस विभाग ने जाल बिछा कर बुधवार को उक्त कनिष्ठ अभियंता को अजय कुमार से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। डीएसपी विजीलैंस बलबीर सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जेई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है व आगामी कार्रवाई की जा रही है।

धर्मशाला स्टेडियम में होंगे T-20 वर्ल्ड कप-2021 के मैच

Image
धर्मशाला स्टेडियम में दिखेगा टी-20 वर्ल्ड कप-2021 का रोमांच  धौलाधार की तलहटी में अगले वर्ष होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप-2021 क्रिकेट मैच का रोमांच देखने को मिलेगा। पिछले लंबे समय से क्रिकेट मैच के आयोजन की राह ताक रहे स्टेडियम में मैच के आयोजन को लेकर एचपीसीए स्टेडियम को भी शॉर्टलिस्ट बीसीसीआई ने किया है। इसकी सूची भी बाकायदा जारी कर दी गई है। धर्मशाला में क्रिकेट मैच के आयोजन से कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा। जानकारी के अनुसार टी-20 वर्ल्ड कप-2021 के लिए बीसीसीआई द्वारा निर्धारित 8 स्टेडियमों में धर्मशाला इंटरनैशनल स्टेडियम भी शुमार हो गया है।

लमडल झील : स्वर्ग का इक एहसास

Image
लमडल झील : स्वर्ग का इक एहसास शाहपुर के ताज की खूबसूरती का पिटारा : लमडल झील     लाम्डल लेक ट्रेक - सात पवित्र झीलों का एक ट्रेक। यह धौलाधार रेंज में सबसे सुंदर ट्रेक में से एक है। यह मिंकियानी चोटी के नीचे एक पालने के आकार की घाटी के बीच में बसा हुआ है। गर्मियों और मानसून दोनों में ट्रेकर्स के लिए खुशी की बात है, यह करेरी गांव और सल्ली गांव के माध्यम से सुलभ है - जो वनस्पतियों और जीवों की समृद्ध विविधता के लिए जाना जाता है।   अल्पाइन घास के मैदान, मोराइन लकीरें, ग्लेशियर बेसिन, देवदार के जंगल और प्राचीन गांवों के माध्यम से निशान आपको शानदार घाटी के दृश्य और अद्भुत धीमी गति से स्थानीय जीवन शैली का अनुभव करने का मौका देता है।   लामदल झील के रास्ते में 6 पवित्र झीलें हैं जो सबसे सुंदर और सबसे बड़ी झील है।  मिंकियानी दर्रा ट्रेक मार्ग से यात्रियों को असंख्य वनस्पतियों, हरी-भरी भूमि, घने जंगलों के साथ-साथ समृद्ध वनस्पतियों और जीव-जंतुओं की शानदार सुंदरता का आनंद मिलता है और एक महान ट्रेकिंग अनुभव से कुछ स्थायी यादें इकट्ठा होती हैं। यह झील की सुंदरता ...

करेरी झील : शाहपुर का ताज, वहां कब जाएं , कैसे जाएं और साथ क्या क्या लेकर जाएं

Image
 करेरी झील : शाहपुर का ताज   आइये जानते हैं आज शाहपुर का ताज कहलाने वाली करेइर झील के बारे में, वहां कब जाएं , कैसे जाएं और साथ क्या क्या लेकर जाएं     हिमाचल प्रदेश में घूमने हेतु कई पर्यटक स्थल , झीले , ग्लेशियर तथा पर्वत चोटिया है ।  इनमे से एक है विश्व प्रसिद्ध करेरी झील ।  यह झील एक ऐसा पर्यटक स्थल है जो पर्यटको को अपनी और सम्मोहित कर देता है ।  यह झील जिला काँगड़ा के धर्मशाला में स्थित है ।   यह ट्रैक धर्मशाला से 9 किमी दूर घेरा गांव से शुरू होता है तथा समुद्र तल से 2,934 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है । धर्मशाला स्वयं में ही एक पवित्र स्थान है जो बौद्ध धर्म के आद्यात्मिक गुरु दलाई लामा स्थान है ।  यहाँ पर बौद्ध धर्म को मानने वालो के कई मंदिर बने हुए है वही इस जगह को देवताओ की भूमि भी माना गया है । करेरी झील(Kareri Lake) एक साफ़ पानी की एक खूबसूरत झील है जिससे देखने प्रति वर्ष देश विदेश से लाखो पर्यटक आते है तथा यहाँ आकर शान्ति का अनुभव करते है ।  यह एक छोटा ट्रैक है जिसमे किसी भी उम्र के व्यक्ति आसानी से जा सकते है ।  इस झील के ...