शाहपुर से ही भेदभाव क्यूं ? शिमला काँगड़ा fourlane कई जगह पर किया जा रहा twolane,पर मंडी पठानकोट के शाहपुर में कोई बदलाव नहीं
शाहपुर से ही भेदभाव क्यूं ? शिमला काँगड़ा fourlane कई जगह पर किया जा रहा twolane,पर मंडी पठानकोट के शाहपुर में कोई बदलाव नहीं
शिमला-कांगड़ा फोरलेन के चौथे पैकेज में बदलाव, रानीताल से ज्वालामुखी पहले ही टू-लेन
कई जगहों पर fourlane को twolane किया जा रहा ताकि नुकसान कम हो पर शाहपुर के हक में कोई खबर नहीं।
शाहपुर की जनता ने NHAI के Direcotor, DC Kangra, SDM शाहपुर, माननीय मंत्री सरवीण चौधरी सभी से गुहार लगाई थी कि शाहपुर बाजार में चौड़ाई कम रखी जाए ताकि नुकसान कम हो परन्तु कहीं पर भी सुनवाई नहीं हुई।
कई स्थानों पर fourlane को 2 lane का प्रस्ताव किया जा रहा पर NHAI ने शाहपुर के हक़ के लिए ऐसा कोई फैसला नहीं लिया।
जरूरत के हिसाब से चौथे पैकेज के हिस्से में भी कुछ बदलाव किया गया है। इसके तहत नादौन के चीलबाहल से ज्वालामुखी तक करीब 19 किलोमीटर तक भी टू-लेन बनाने का प्रोपोजल तैयार करके एनएचएआई के हैडक्वार्टर को भेज दिया गया है। बता दें कि ज्वालामुखी से आगे पांचवें पैकेज का जो भंगवार (रानीताल) तक ए पार्ट है, उसे पहले ही टू-लेन कर दिया गया है। ऐसे में अब चौथे और पांचवंे पैकेज का लगभग 37 किलोमीटर मार्ग टू-लेन बनाया जाना प्रस्तावित है। इस पर करीब 1100 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है।
एनएचएआई की मानें, तो यह टू-लेन मार्ग इस तरह बनाया जाएगा, जिसमें स्पीड लिमिट का पैमाना 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगा। पहले केवल पांचवें पैक के ज्वालामुखी से भंगवार तक के मार्ग को ही टू-लेन करने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में महसूस किया गया कि ज्वालामुखी से नादौन तक भी ट्रैफिक बहुत ज्यादा नहीं होता, क्योंकि बीच में कहीं कोई जंक्शन नहीं है।
इसलिए इस 37 किलोमीटर के पार्ट को भी टू-लेन ही रहने देने पर सहमति बनी। हालांकि अच्छी बात यह है कि टू-लेन में कंवर्ट करने के बावजूद भी रोड की अलाइनमेंट से बहुत ज्यादा छेड़छाड़ नहीं की गई है, ताकि दूरी में किसी तरह का फर्क न पड़े। एनएचएआई के नए प्रोजेक्ट डायरेक्टर का प्रयास है कि 2022 के विधानसभा चुनावों से पूर्व सभी पैकेज की सारी औपचारिकताएं निपटाकर इसे अवार्ड कर दिया जाए।

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