भीड़ इक्टठा कर CM औऱ मंत्री उड़ा रहे नियमों की धज्जियां, कोरोना बढ़ने में सरकार जिम्मेवार
भीड़ इक्टठा कर CM औऱ मंत्री उड़ा रहे नियमों की धज्जियां, कोरोना बढ़ने में सरकार जिम्मेवार
उन्होंने कहा कि चौहार घाटी में बहुत अधिक संख्या में लोग कोराना संक्रमित हुए हैं उनका इलाज चल रहा है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्ट नहीं हो रहे हैं जिसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेवार है। क्या मुख्यमंत्री को पता नहीं है कि एक तरफ आप कोरोना कर्फ्यू लगाते हैं तो दूसरी ओर उद्घाटन करने व्यक्तिगत आकर सौ से डेढ़ सौ लोगों की भीड़ इकट्ठा करते हैं। मुख्यमंत्री जब अपने विधानसभा क्षेत्र में 80- 80 करोड़ रुपए के उद्घाटन वर्चुअल चम्बा औऱ शिमला से कर सकते हैं तो यह भी वर्चुअल कर सकते थे। मुख्यमंत्री द्वारा कोरोना की गाईडलाइन प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई गई है ।
आज जितने भी कोरोना वैक्सीन इंजेकशन लग रहे हैं, वह सब स्वास्थ्य उपकेंद्रों में ही लगाए जा रहे हैं। लोगों को दूर न चलना पड़े ताकि अपनी पंचायत के प्राइमरी स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो। स्वास्थ्य महिला कर्मियों की 800 रिक्त पदों की शीघ्र अतिशीघ्र 50-50 प्रतिशत मैरिट व वैच के माध्यम से की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया हो सके।
पूर्व स्वास्थ्य ने प्रदेश सरकार से कहा है कि को स्वास्थ्य सेवा में निरन्तर अपनी सेवाएं दे रहे डॉक्टर ,स्टाफ नर्स उन्हें बाद में एक सप्ताह के लिए होम ऐसोलेसन में रखा जाता था लेकिन जिसकी अधिसूचना सरकार ने बदली हुई है कि एक सप्ताह के लिए किसी को ऐसोलेशन में नहीं रखा जाएगा । कौल ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि अभी की अधिसूचना तुरन्त बहाल कर पहले वाली अधिसूचना फिर से लागू किया जाए।
Comments
Post a Comment