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🎊 शाहपुर के Our Own English School की ऐतिहासिक पहल!💥 अब नहीं लगेगी एडमिशन फीस – बच्चों का सपना होगा साकार! 📚✨

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🎊 शाहपुर के Our Own English School की ऐतिहासिक पहल!💥 अब नहीं लगेगी एडमिशन फीस – बच्चों का सपना होगा साकार! 📚✨ शाहपुर, हिमाचल प्रदेश: शिक्षा अब होगी सस्ती और श्रेष्ठ! Our Own English School, Shahpur ने वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूल सोच भी नहीं सकते। सत्र 2026-27 से स्कूल ने एडमिशन फीस पूरी तरह से माफ करने का निर्णय लिया है। 🔔 यानी अब: ➡️ न कोई एडमिशन चार्ज ➡️ न कोई छुपी हुई फीस ➡️ सिर्फ पढ़ाई की वास्तविक फीस और उत्कृष्ट शिक्षा! --- 🔍 क्या आप जानते हैं? लोगों को वर्षों से यह गलतफहमी रही कि "Our Own" एक महंगा स्कूल है। 📉 लेकिन जब आप ध्यान से तुलना करेंगे, तो पाएंगे: ✔️ इस स्कूल की फीस सबसे कम है ✔️ रिजल्ट और पढ़ाई सबसे बेहतर ✔️ हर बच्चे को मिलता है व्यक्तिगत मार्गदर्शन --- 👨‍👩‍👧‍👦 अभिभावकों के लिए खुशखबरी: अब कोई भी बच्चा सिर्फ फीस के कारण पीछे नहीं रहेगा। विद्यालय प्रशासन चाहता है कि हर बच्चे को मिले बेहतरीन शिक्षा का हक, बिना किसी एडमिशन फीस के बोझ के। 🎓

शाहपुर की किस्मत में अंधेरा? अब तो पूरी रात बिजली गायब!

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शाहपुर की किस्मत में अंधेरा? अब तो पूरी रात बिजली गायब! लगभग एक महीने पहले से कुछ घंटे की कटौती से शुरू हुआ था, अब पूरी रात की सजा मिल रही है। शाहपुर (हिमाचल प्रदेश): सोमवार रात शाहपुर के लोग पूरी रात अंधेरे में रहे। बिजली पूरी तरह से गुल रही, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की देखभाल और व्यापार सब प्रभावित हुआ। जब लोगों ने बिजली विभाग से संपर्क किया, तो SDO साहब ने कहना था कि "यह मेरे हाथ में नहीं है" और एक मेल साझा की, जिसमें HPSLDC ने HPSEBL को ग्रिड से अधिक बिजली खींचने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन यह बात गौर करने लायक है कि यह सिलसिला कई दिनों से चल रहा है, सिर्फ 21 जुलाई का आदेश नहीं बल्कि इससे पहले भी कई रातों से बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है। 👉 “तकनीकी समस्या हो सकती है, पर पूरी रात बिना बिजली के रखना कोई समाधान नहीं है। जनता को अंधेरे में रखना बंद कीजिए,” एक स्थानीय निवासी ने नाराजगी जताई। लोगों की मांग है कि बिजली विभाग पारदर्शिता से काम करे, लोड शेडिंग की पहले से सूचना दे और सभी क्षेत्रों में बरा...

अपनी किस्मत को रो रहा शाहपुर, NHAI कर रहा निशनदेही से ज्यादा अधिग्रहण

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अपनी किस्मत को रो रहा शाहपुर, NHAI कर रहा निशनदेही से ज्यादा अधिग्रहण  बाकी जगह fourlane 24 से 28 मीटर में पर शाहपुर में सब इसके विपरीत है। पहले NHAI कहता था के 28 मीटर में बनेगा, फिर 30 फिर 35 एयर अब तो 40 मीटर तक बात आ गयी। हालात इतने बुरे हैं के जिनका gazzette में नाम नहीं जिन्हें मुआवजा नहीं उन्हें भी बेवकूफ बनाकर जमीन अधिग्रहण की पूरी कोशिश की जा रही है। भूख हड़ताल हुई तो सभी नेताओं ने सातबनाएं तो दी पर धरातल पे कुछ नहीं हुआ उल्टा हालात और बुरे होते जा रहे हैं। माननीय सांसद और माननीय विधायक जी इस  विषय मे आप से हम सभी को बहुत उम्मीद है पर धरातल पे कुछ भी राहत नहीं है। कृपया आप दोनों जन केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सामने इस बात को जोर शोर से उठाएँ।

शाहपुर बाजार को उजाड़ने की पूरी तैयारी। सड़क के दोनों तरफ 2-2 और हुआ अधिग्रहण

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शाहपुर बाजार को उजाड़ने की पूरी तैयारी। 2 मीटर दोनों और और किया अधिग्रहण।  शिमला-कांगड़ा फोरलेन के चौथे पैकेज में बदलाव, रानीताल से ज्वालामुखी पहले ही टू-लेन कई जगहों पर fourlane को twolane किया जा रहा ताकि नुकसान कम हो पर शाहपुर के हक में कोई खबर नहीं।  शाहपुर की जनता ने NHAI के Direcotor, DC Kangra, SDM शाहपुर, पूर्व मंत्री व विद्यायक सभी से गुहार लगाई थी कि शाहपुर बाजार में चौड़ाई कम रखी जाए ताकि नुकसान कम हो परन्तु कहीं पर भी सुनवाई नहीं हुई। उल्टा अब तो लभगभ  दोनों और 2-2 मीटर तक और अधिग्रहण कर लोगों कर लोगो आशा पर पानी फेर दिया है। पिछले कल दोबारा से fourlane की निशानदेही वाली टीम बाजार में दिखी और इस बार उन्होंने निशान को और भी 2 मीटर पीछे खिसका कर पूरे बाजार को उजड़ने की तैयारी कर ली है। कई स्थानों पर fourlane को 2 lane का प्रस्ताव किया जा रहा पर NHAI ने शाहपुर के हक़ के लिए ऐसा कोई फैसला नहीं लिया।  नए विद्यायक व उनकी नई टीम से शाहपुर की जनता कई बार मिली है और आशा करती है वो लोगों के हक की लड़ाई जरूर लड़ेंगे।

Episode 3 : सिरमौर का इतिहास History of Sirmour

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सिरमौर का इतिहास History Of Sirmaur सिरमौर (Sirmaur)  जिले के रूप में गठन 15 अप्रैल, 1948 ई० को हुआ मुख्यालय नाहन है | सिरमौर का क्षेत्रफल 2825 वर्ग किलोमीटर है | सिरमौर जिला हिमाचल प्रदेश के दक्षिण भाग में स्थित है | सिरमौर जिले के पूर्व में उत्तराखंड, पश्चिम और दक्षिण पश्चिम में हरयाणा, उत्तर में सोलन और शिमला तथा दक्षिण में हरियाणा और उत्तराखंड की सीमाएं लगती है |  इतिहास   सिरमौर का नामकरण -  सिरमौर के प्राचीन निवासी कुलिंद थे | कुलिंद राज्य मौर्य साम्राज्य के शीर्ष पर स्थित था जिस कारण इसे शिरमौर्य की संज्ञा दी गई जो कालांतर में सिरमौर बना |  सिरमौर रियासत की स्थापना  - 'तारीख -2 रियासत सिरमौर' रंजौर सिंह की पुस्तक के अनुसार सिरमौर रियासत का प्राची सुलोकिना था | इसकी स्थापना 1139 ई० में जैसलमेर के राजा सालवाहन के पुत्र राजा रसालु ने की | उसकी राजधानी सिरमौरी ताल थी |  माहे प्रकाश (1199-1217  ई०)  - शुभंश प्रकाश की 1199 ई० में मृत्यु होने के बाद माहेप्रकाश राजा बना | उनके शासनकाल सिरमौर की सीमाएं गढ़वाल, भाग...

मंत्री सरवीण चौधरी व मुख्यमंत्री जयराम की जोड़ी ने दिए शाहपुर में कई तोहफे, अब की बार शाहपुर में तोहफों की भरमार

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अब की बार शाहपुर में तोहफों की भरमार स्थानीय विधायिका श्रीमती सरवीण चौधरी ने जयराम सरकार के कार्यकाल में शाहपुर विधानसभा में तोहफों की बौछार कर दी है। ये कहना गलत नहीं होगा के अबकी बार शाहपुर में तोहफों की बौछार इस कार्यकाल में ये रहा विशेष:  ● मिनी सचिवालय का निर्माण ● चंगर इलाकों में चमचमाते रोड ● शाहपुर अस्पताल का कार्य शुरू ● धारकंडी में डिग्री कॉलेज की नोटिफिकेशन ● कुठारना व ततवानी में पशु औषधालय  खोलने की मंज़ूरी ● 30 करोड़ रुपये की पेयजल योजना  ● नागनपट में 3 करोड़ का indoor stadium ● शाहपुर में अग्निशमन का office ● ITI शाहपुर में CTI classes की मंजूरी ● शाहपुर में मॉडल carrier सेंटर खोलने की मंजूरी ● चड़ी PHC से CHC ● लपियाना PHC से CHC अस्पताल ● दरिणी में मॉडल PHC व नई एम्बुलैंस ● हारचकियाँ में ITI ● लंज कॉलेज के शानदार भवन में sciences की classes ● शाहपुर में नया बस स्टैंड  ● शाहपुर में उप कोषागार ● शाहपुर में apprpriate technology centre ● हर पंचायत में सोलर लाइट्स व tiles ● महिला मंडल में भरपूर सहयोग आने वाले चुनाव में अब को शाहपुर में अपना परचम ...

सुरेश और मोनाल के शोधपत्रों ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग को भारत मे लाया 31वें स्थान पर

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सुरेश और मोनाल के शोधपत्रों ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग को भारत मे लाया 31वें स्थान पर महत्वपूर्ण शोध की तरफ़ बढ़ रहे केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोधार्थियों में इस बार भी अपना लोहा मनवाया है। भौतिक विज्ञान के शोदारथी सुरेश जरयाल व मोनाल काशव के शोधपत्र खगोल विज्ञान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।  पर्यवेक्षक डॉ अयन चटर्जी   व सुरेंदर वर्मा के  मार्गदर्शन में पीएचडी कर रहे सुरेश जरयाल  व मोनाल काशव के शोधपत्र केंद्रीय विश्वविद्यालय के फिजिक्स डिपार्टमेंट की रैंकिंग में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। जिसकी वजह से केंद्रीय विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान  ने इस बार राष्ट्रीय स्तर पे 31वां स्थान हासिल किया है। केंद्रीय विश्वविद्यालय जहाँ स्थायी कैंपस न होने से अभी कई प्रकार की सुविधाओं से शोधार्थी वंचित है पर ऐसे हालातों में भी इस प्रकार का कार्य कर पाना एक मिसाल पेश करता है। इसी कड़ी में IIT Mandi के फिजिक्स डिपार्टमेंट का 32 वां रैंक है।  Source : Nature index